आईटीबीपी महानिदेशक का माड़ क्षेत्र का दौरा
अभियानों में तेजी, जनविश्वास मजबूत करने और WHAM मिशन को नई दिशा

नारायणपुर | भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक प्रवीण कुमार, IPS ने बुधवार को जिले के सुदूर और घोर नक्सल प्रभावित माड़ (MAD) क्षेत्र का व्यापक दौरा किया। महानिदेशक ने क्षेत्र में हाल ही में स्थापित cOB नेलंगर, एडज्म और ओरछा का निरीक्षण कर वहां तैनात जवानों से मुलाकात की। उन्होंने ऑपरेशनल तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और इलाके की मौजूदा चुनौतियों का विस्तृत जायजा लिया।

निरीक्षण के बाद महानिदेशक 45वीं वाहिनी के सामरिक मुख्यालय जेलवाड़ी कैंप पहुंचे, जहाँ सैनिक सभा आयोजित की गई। उन्होंने अधिकारियों और जवानों को गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर नक्सल उन्मूलन अभियान को अधिकतम क्षमता, दृढ़ निश्चय और ऊंचे मनोबल के साथ संचालित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से जुड़े खतरों के बीच सतर्क रहते हुए स्थानीय जनता का दिल और दिमाग जीतना (WHAM—Winning Heart And Mind) अत्यंत आवश्यक है।

महानिदेशक ने सिविक एक्शन कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि जवान स्थानीय समुदाय के बीच जाकर संवाद स्थापित करें, विश्वास अर्जित करें और विकासात्मक गतिविधियों में सहभागिता बढ़ाएं। उन्होंने विशेष रूप से विद्यालयों में जाकर बच्चों को पढ़ाने, मार्गदर्शन देने और शिक्षा के माध्यम से समाज से जुड़ाव बढ़ाने के निर्देश दिए।
सैनिक सभा में जवानों की आवश्यकताओं, समस्याओं और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। महानिदेशक ने सभी मुद्दों के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने अधिकारियों और जवानों के साथ बड़ा खाना किया और सभी को उत्साहवर्धक भेंट प्रदान की।
इस अवसर पर अजय पाल सिंह, IG केन्द्रीय सीमांत, अनवर इलाही, DIG महानिदेशालय, महेन्द्र प्रताप, उप महानिरीक्षक केन्द्रीय सीमांत, रॉबिनसन गूरिया, SP नारायणपुर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात 38वीं, 41वीं, 45वीं, 53वीं इकाइयों के कमांडेंट तथा स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
महानिदेशक का यह दौरा माड़ क्षेत्र में तैनात जवानों के मनोबल को मजबूत करने, अभियानों की तीव्रता बढ़ाने और आदिवासी समुदाय के साथ विश्वासपूर्ण संबंध स्थापित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में शांति और विकास की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।




