अबूझमाड़ के तोके में खुला नया पुलिस कैंप : नक्सलियों का सेफ जोन बना सुरक्षा का नया केंद्र
“माड़ बचाओ अभियान” के तहत नारायणपुर पुलिस और बीएसएफ ने की संयुक्त कार्रवाई, ग्रामीणों ने लिया नक्सलवाद छोड़ने का संकल्प

नारायणपुर, 11 नवम्बर।
छत्तीसगढ़ के भीतरी अबूझमाड़ क्षेत्र के माओवादियों के सेफ जोन माने जाने वाले ग्राम तोके में अब सुरक्षा बलों का परचम लहरा रहा है। नारायणपुर पुलिस और बीएसएफ की 135वीं बटालियन ने सोमवार को यहाँ नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प की स्थापना की है। यह कैम्प नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ स्थानीय विकास को गति देने में मील का पत्थर साबित होगा।
माड़ बचाओ अभियान का विस्तार
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा संचालित “माड़ बचाओ अभियान” के तहत अबूझमाड़ क्षेत्र में लगातार सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जा रही है। पिछले एक वर्ष में जिले में यह 15वां सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प खोला गया है। तोके में कैम्प खुलने से क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह और सुरक्षा का नया वातावरण बना है।
ग्राम तोके थाना कोहकामेटा से 17 किलोमीटर, इरकभट्टी से 11 किलोमीटर और कच्चापाल से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह इलाका अब तक नक्सलियों के प्रभाव में था।
ग्रामीणों ने व्यक्त की राहत, लिया शांति का संकल्प
कैम्प स्थापना के अवसर पर पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने तोके, मुसेर, कोंदाहूर, मापंगल, कोड़ेनार, बुरुम सहित आसपास के गांवों से आए ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएँ सुनीं।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से वे नक्सल हिंसा और भय के साए में जीवन बिता रहे थे। अब पुलिस कैम्प खुलने से वे निडर होकर जी सकेंगे। ग्रामीणों ने नक्सलियों के उत्पीड़न का विरोध करते हुए नक्सलवाद का समर्थन न करने और शांति के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
जनसुविधा का केंद्र बनेगा तोके
पुलिस अधीक्षक श्री गुड़िया ने बताया कि शीघ्र ही यहां “नियद नेल्लानार” के तहत जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगों पर कार्य किया जाएगा।
कैम्प की स्थापना से अब क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। सुरक्षा की निगरानी में सड़क निर्माण सहित विकास कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।
नक्सलवाद पर सटीक प्रहार
नारायणपुर पुलिस के अनुसार वर्ष 2024-25 के दौरान अबूझमाड़ क्षेत्र में 208 माओवादियों ने नक्सल विचारधारा छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। वहीं विभिन्न अभियानों में 99 नक्सली मारे गए और 117 गिरफ्तार किए गए।
सुरक्षा बलों की लगातार बढ़ती पहुँच और स्थानीय संवाद के कारण अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भय का वातावरण कम हो रहा है। पुलिस के अनुसार, नये कैम्प नक्सलियों की गतिविधियों को रोकने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ कैम्प उद्घाटन
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज पी. सुन्दराज, डीआईजी कांकेर रेंज अमित कांबले (भा.पु.से.), एसपी नारायणपुर रोबिनसन गुड़िया, कमांडेंट कमल शर्मा (133वीं बीएसएफ), कमांडेंट नवल सिंह (135वीं बीएसएफ) सहित पुलिस एवं बीएसएफ के अधिकारी उपस्थित थे।
नवीन कैम्प स्थापना में डीआरजी, बस्तर फाइटर, बीएसएफ की 133वीं और 135वीं वाहिनी की संयुक्त भूमिका रही।
15 कैम्पों से बदला अबूझमाड़ का चेहरा
पिछले एक वर्ष में नारायणपुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों – कुतुल, कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम और अब तोके – में सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जा चुकी है।
इन कैंपों की वजह से अबूझमाड़ में विकास कार्यों को नई गति मिली है और ग्रामीण जीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।




