अबूझमाड़ के ओरछा में खुलेगा तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र
केदार कश्यप ने किए अनेक विकास कार्यों का शिलान्यास, युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर

नारायणपुर। अबूझमाड़ के दूरस्थ वनांचल ओरछा में विकास की नई राह खुलने जा रही है। जिले के वन मंत्री एवं स्थानीय विधायक केदार कश्यप ने रविवार को अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान क्षेत्र में सैकड़ों विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इसी दौरान उन्होंने ओरछा में तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र की स्थापना की महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसे ग्रामीणों ने ऐतिहासिक कदम बताया। यह केंद्र न केवल वन संपदा संरक्षण का माध्यम बनेगा, बल्कि बस्तर की पारंपरिक तेंदूपत्ता संग्रहण कला, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई पहचान दिलाएगा।

स्थापित होगा संस्कृति, अर्थव्यवस्था और आधुनिकता का संगम
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रस्तावित तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र अबूझमाड़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगा। केंद्र में तेंदूपत्ता संग्रहण की पारंपरिक विधियों, वनवासियों के जीवन, वन-आधारित आजीविका, सांस्कृतिक इतिहास और प्रशिक्षण गतिविधियों को संरक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और प्रशिक्षण का बड़ा मंच बनेगा, जिससे क्षेत्र की वन-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को स्थानीय स्तर पर सम्मानजनक नौकरी के अवसर मिलेंगे।
सैकड़ों विकास कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास
प्रवास के दौरान मंत्री ने ओरछा एवं आसपास के गांवों में सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, शिक्षा, बिजली, आंगनबाड़ी भवन, पुल-पुलिया और सामुदायिक संसाधन केंद्र सहित कई महत्वपूर्ण कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार योजनाओं को धरातल पर उतारते हुए जनता की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने बताया कि नारायणपुर जिला विकास की रफ्तार में पहले से कहीं अधिक तेज गति से आगे बढ़ रहा है और योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुँच रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य—सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
कश्यप ने कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। गांवों तक सड़क एवं पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कई परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता समिति का गठन वन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है, जो स्थानीय परिवारों के लिए स्थायी आय के स्रोत के रूप में उभरेगा।
लखपति दीदी योजना की समीक्षा, पारदर्शी क्रियान्वयन के निर्देश
अपने प्रवास में मंत्री ने लखपति दीदी योजना की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ अधिकाधिक स्व-सहायता समूहों तक पहुँचाया जाए तथा इसके क्रियान्वयन में तेजी व पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का बड़ा माध्यम है और इसे मिशन मोड में लागू किया जाना चाहिए।
छात्राओं की मांग पर तत्काल कार्रवाई
ओरछा प्रवास के दौरान मंत्री ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं से मुलाकात की। छात्राओं द्वारा विद्यालय में “कोच” की नियुक्ति की मांग किए जाने पर कश्यप ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कलेक्टर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने छात्राओं से कहा कि उनकी सभी आवश्यकताओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट और प्लेसमेंट पर जोर
कश्यप ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी/निजी नौकरी के लिए तैयार करने के उद्देश्य से क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट और प्लेसमेंट गतिविधियों को तेज किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं की जरूरतों के अनुरूप तैयार किए जाएं।
धान खरीदी केंद्र पहुंचकर जाना व्यवस्था का हाल
प्रवास के दौरान मंत्री ने धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं व आवश्यकताओं से अवगत हुए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा धान खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।
ओरछा में विकास की नई राह
केदार कश्यप का एक दिवसीय प्रवास अबूझमाड़ के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाओं और पहलों से भरा रहा। तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र की स्थापना से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं के सशक्तिकरण, रोजगार, आधारभूत ढांचे और वन-आधारित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तक—हर घोषणा क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की ओर बड़ा कदम मानी जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों ने कश्यप के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इन प्रयासों से क्षेत्र में विकास की नई दिशा और नई उम्मीद दिखाई दे रही है।




