नारायणपुर

माओवादियों के गढ़ ‘आदेर’ में खुला नया सुरक्षा और जन सुविधा कैम्प

नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी ने मिलकर दी बड़ी सफलता, अबूझमाड़ में एक साल में खुला 11वां कैम्प

नारायणपुर, 9 अक्टूबर 2025।
नारायणपुर पुलिस ने नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र के भीतरी इलाकों में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। माओवादियों के शीर्ष नेताओं के आश्रय स्थल कहे जाने वाले ग्राम आदेर में पुलिस और आईटीबीपी ने संयुक्त रूप से नया “सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प” स्थापित किया है। यह कैम्प थाना ओरछा क्षेत्र के अंतर्गत खोला गया है, जो अबूझमाड़ के गहराई वाले इलाके में स्थित है।

यह कैम्प नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी की 38वीं वाहिनी के सहयोग से खोला गया है। भारी बारिश, दुर्गम पहाड़ी रास्तों और नदी-नालों को पार करते हुए सुरक्षा बलों ने इस मिशन को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, “माड़ बचाओ अभियान” के तहत यह कैम्प अबूझमाड़ के अंदरूनी इलाकों में नक्सल विरोधी प्रयासों को और मजबूती देगा।


🔹 ग्रामीणों में उत्साह, नक्सलवाद की प्रताड़ना को याद किया

ग्राम आदेर और आसपास के इलाकों के ग्रामीण बड़ी संख्या में कैम्प उद्घाटन के दौरान उपस्थित रहे। उन्होंने नक्सलियों द्वारा मारे गए ग्रामीणों को याद करते हुए नक्सल हिंसा की पीड़ा साझा की और पुलिस कैम्प खुलने पर राहत जताई। ग्रामीणों ने कहा कि अब वे “भय मुक्त जीवन” जी सकेंगे।

पुलिस अधीक्षक भा.पु.से. श्री रॉबिनसन गुड़िया ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग रखी, जिस पर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया। साथ ही “जन समस्या निवारण शिविर” आयोजित करने की जानकारी दी गई। बताया गया कि जल्द ही नारायणपुर से आदेर तक बस सेवा भी शुरू की जाएगी।


🔹 नक्सल उन्मूलन अभियान को मिली नई गति

पुलिस के अनुसार, आदेर में कैम्प खुलने से क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाइल नेटवर्क और अन्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। इससे विकास कार्यों को सुरक्षा के बीच ग्रामीणों तक पहुंचाना संभव होगा।

नारायणपुर पुलिस ने बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान अबूझमाड़ क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर 208 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। वहीं, पुलिस और सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 99 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया और 118 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।


🔹 माओवादियों के आश्रय स्थलों पर लगातार विस्तार

वर्ष 2025 में पुलिस ने नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित उनके प्रमुख आश्रय स्थलों कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजूम, ईदवाया और अब आदेर में सुरक्षा कैम्प स्थापित किए हैं।

पुलिस के अनुसार, “इन कैम्पों की स्थापना से न केवल नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगा है, बल्कि क्षेत्र में शांति, विकास और संवाद की नई दिशा मिली है।”


🔹 वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन

इस अभियान में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री पी. सुन्दराज, पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज श्री अमित कांबले (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिनसन गुड़िया, सेनानी 16वीं वाहिनी छसबल श्री संदीप पटेल, कमांडेंट आईटीबीपी 29वीं वाहिनी श्री दुष्यंतराज जायसवाल, 38वीं वाहिनी श्री रोशन सिंह असवाल, 44वीं वाहिनी श्री मुकेश कुमार दशमाना, 45वीं वाहिनी श्री राजीव गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय सबद्रा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) श्री अजय कुमार के नेतृत्व और निर्देशन में डीआरजी, बस्तर फाइटर और आईटीबीपी जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


कैम्प आदेर की स्थापना न केवल सुरक्षा बलों की नक्सल विरोधी रणनीति की बड़ी सफलता है, बल्कि अबूझमाड़ के विकास की नई शुरुआत भी है। ग्रामीणों में उत्साह और भरोसे का माहौल बना है, जो नक्सलवाद के खिलाफ अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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