सड़क मरम्मत को लेकर नाराज़गी, बैठक में निकला फैसला

14 से 17 सितम्बर तक भारी वाहनों का संचालन रहेगा बंद
नारायणपुर। लंबे समय से नारायणपुर-कोण्डागांव मार्ग एनएच-130डी, नारायणपुर-ओरछा तथा नारायणपुर-अंतागढ़ मार्ग की जर्जर हालत से लोग परेशान हैं। जगह-जगह गड्ढों और धूल मिट्टी ने राहगीरों का जीना दूभर कर दिया है। आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं और आमजन प्रशासन की अनदेखी पर नाराज़गी जताते रहे हैं। आखिरकार जन आक्रोश के बीच सड़क मरम्मत के लिए प्रशासन हरकत में आया और 10 सितम्बर को एसडीएम की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई।

बैठक में भिलाई स्टील प्लांट के प्रबंधक, राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, बस ऑपरेटर, माइंस प्रबंधन और परिवहन संघ के पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने माना कि सड़कों की दुर्दशा अब और बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
बैठक में तय किया गया कि 14 से 17 सितम्बर तक भारी वाहनों और मालवाहक वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान सड़क की मरम्मत का काम तेज गति से किया जाएगा। हालांकि, दोपहिया, चारपहिया छोटे वाहन और आपातकालीन सेवाएं पूर्ववत चलती रहेंगी।
लोगों का कहना है कि मरम्मत का काम पहले होना चाहिए था, अब हालात बिगड़ने और जन विरोध बढ़ने के बाद प्रशासन जागा है। नारायणपुर-ओरछा मार्ग और अंतागढ़ रोड पर रोजाना सफर करने वाले यात्री बताते हैं कि कई बार घंटों जाम में फंसना पड़ता है, वहीं गड्ढों से गुजरना हर दिन खतरे से खेलना है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर जब सड़क की हालत महीनों से खराब थी तो कार्रवाई पहले क्यों नहीं हुई।
स्थानीय व्यापारियों और बस ऑपरेटरों ने भी मरम्मत कार्य का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इस बार काम केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण हो ताकि बार-बार जनता को परेशान न होना पड़े।
जनता का यह भी कहना है कि 4 दिन के बंद में प्रशासन को सड़कों को बेहतर बनाने की चुनौती है, वरना विरोध और तेज होगा। अब सबकी निगाहें 14 से 17 सितम्बर तक होने वाले कार्य पर टिकी हैं।




