मेरोली प्राथमिक शाला में न्योता भोजन और SMC बैठक का आयोजन

जन्मदिन के उत्सव संग शिक्षा के प्रति गंभीर चर्चा
नारायणपुर। शिक्षा और संस्कार का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब मेरोली प्राथमिक शाला का परिसर हर्षोल्लास और आत्मीयता से भर गया। अवसर था नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी तरुण गोलछा की पत्नी गीता गोलछा और चिरंजीव खुश संचेती के जन्मदिन का, जिसे बच्चों के साथ मनाने के लिए विद्यालय में न्योता भोजन का आयोजन किया गया।
रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने गीता गोलछा और खुश संचेती को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। स्वादिष्ट भोजन पाकर बच्चों के चेहरों पर मुस्कान देखते ही बन रही थी। विद्यालय परिवार और अभिभावकों ने भी इस अवसर को मिलकर मनाया। जन्मदिन उत्सव ने विद्यालय में आत्मीयता और एकजुटता का संदेश दिया।
इसी दिन विद्यालय में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य शाला त्यागी (ड्रॉपआउट) और शाला अप्रवेशी (नामांकित न होने वाले) बच्चों की समस्या पर चर्चा करना रहा। समिति ने ऐसे बच्चों की पहचान कर उनके अभिभावकों से संवाद स्थापित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की रणनीति तय की।
बैठक में विशेष रूप से DMC रेड्डी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यालय की पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा केवल स्कूल की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समुदाय और अभिभावकों की भी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। रेड्डी ने सुझाव दिया कि गाँव-गाँव जाकर ड्रॉपआउट और अप्रवेशी बच्चों को चिन्हित करने का अभियान चलाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में शिक्षकों ने साझा किया कि कुछ बच्चे परिवार की आर्थिक स्थिति या अभिभावकों की लापरवाही के कारण पढ़ाई से वंचित हो जाते हैं। समिति ने निर्णय लिया कि जागरूकता अभियान चलाकर अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
विद्यालय परिसर में एक ओर जहाँ जन्मदिन का उल्लास था, वहीं दूसरी ओर शिक्षा को लेकर गंभीर विमर्श भी चल रहा था। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि विद्यालय केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, सामूहिकता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी आधार है।




