बड़े जम्हरी में मनाई गई पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती

सेवा पखवाड़ा में पौधा रोपण व स्वदेशी संगोष्ठी आयोजित
नारायणपुर। ग्राम बड़े जम्हरी में गुरुवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा भाव से मनाई गई। इस अवसर पर सेवा पखवाड़ा के तहत विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘आत्मनिर्भर भारत और लोकल फॉर वोकल, स्वदेशी समान’ विषय पर संगोष्ठी रही। संगोष्ठी में वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल जी के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए स्वदेशी उत्पाद अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष, कोंडागांव दीपेश अरोरा ने कहा कि छोटे उद्योग और स्थानीय कारीगर देश की आर्थिक रीढ़ हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि स्वदेशी उत्पादों का उपयोग कर स्थानीय उद्योगों को मजबूत बनाएं और आर्थिक आत्मनिर्भरता में योगदान दें।
भाजपा जिलाध्यक्ष संध्या पवार ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। स्वदेशी अपनाने और स्थानीय व्यवसायों को समर्थन देने से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकता है।
इसी क्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम को जनपद अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रूपसाय सलाम, भाजपा नेता बृजमोहन देवांगन एवं ग्रामीण भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रेमनाथ उसेंडी ने भी संबोधित किया। उन्होंने पंडित दीनदयाल जी के जीवन मूल्यों को साझा करते हुए लोगों से स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला महामंत्री संदीप कुमार झा ने किया तथा आभार सेवा पखवाड़ा जिला संयोजक संतनाथ उसेंडी ने व्यक्त किया।
इस मौके पर रतन सलाम, चैतराम कुमेटी, प्रभुलाल दुग्गा, दिनदयाल नाग, रामचंद्र कुंजाम, लक्ष्न कांगे, राकेश कावडे, दीपेन्द्र भोयर, सगनू राम, प्रमेश उईके, उत्तम जैन, सोमजी कावडे, गागरु सलाम, तीजऊ कावड़े, हीना नाग, रमशीला नाग, बबीता ठाकुर, संगीता जैन, कृति पोटाई, संवारी पोटाई, दीपाली नाग, रंजना ठाकुर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, नागरिक, भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगोष्ठी के दौरान उपस्थित लोगों ने स्थानीय उत्पादों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन पंडित दीनदयाल जी की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने की प्रतिज्ञा के साथ हुआ।



