प्रकृति संग स्वास्थ्य का संदेश – कोहकामेटा में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर सम्पन्न

आधुनिक भागदौड़ और रासायनिक दवाओं के दौर में लोगों को पुनः प्रकृति की ओर लौटने का आह्वान करते हुए अबूझमाड़ के ग्राम कोहकामेटा में शनिवार, 20 सितंबर को आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार शासकीय आयुर्वेद विभाग द्वारा आयोजित इस ब्लॉक स्तरीय शिविर का उद्घाटन ग्राम पंचायत कोहकामेटा की सरपंच ने अपने करकमलों से किया।
शिविर को राज्य की रजत जयंती वर्षगांठ पर विशेष आयोजन के रूप में रखा गया, जिसमें ग्रामीणों की भारी संख्या में उपस्थिति रही।
125 मरीजों का नि:शुल्क उपचार
शिविर में पहुंचे 125 मरीजों का आयुर्वेद पद्धति से स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें नि:शुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं। इनमें अधिकतर रोगी चर्म रोग, वात रोग, ज्वर और एनीमिया जैसी बीमारियों से पीड़ित पाए गए। रोगों की पहचान कर चिकित्सकों ने आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों पर आधारित दवाओं और दिनचर्या सुधारने के सुझाव दिए।
अधिकारी व चिकित्सक रहे मौजूद
शिविर में जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सतेंद्र नाथ, सोनपुर से चिकित्सा अधिकारी डॉ. धीरेंद्र मिश्रा, कोहकामेटा के आयुर्वेद अधिकारी डॉ. धनेश्वर साहू सहित पूरा स्वास्थ्य अमला उपस्थित रहा। सभी ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच के महत्व और आयुर्वेद पद्धति की उपयोगिता से अवगत कराया।
आयुर्वेद – शरीर और प्रकृति का संगम
आयुर्वेद केवल रोगों का उपचार ही नहीं करता, बल्कि जीवन जीने की प्राकृतिक और संतुलित पद्धति भी बताता है। इसमें आहार-विहार, योग, ध्यान और औषधियों का संयोजन है, जो शरीर को दीर्घकालीन रूप से स्वस्थ बनाए रखता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आयुर्वेद आधुनिक दवाओं के दुष्प्रभावों से बचाव का सबसे सशक्त विकल्प है। ग्रामीण परिवेश में सहज रूप से उपलब्ध जड़ी-बूटियों का उपयोग करके लोग छोटी-छोटी बीमारियों का घरेलू इलाज कर सकते हैं।
निरंतर जागरूकता की पहल
आयुर्वेद विभाग द्वारा अबूझमाड़ जैसे दुर्गम अंचलों में ऐसे शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा जा सके और उन्हें यह संदेश दिया जा सके कि प्रकृति ही सबसे बड़ी औषधि है।
स्थानीय लोगों ने इस शिविर की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पहली बार आयुर्वेद की महत्ता और इसके फायदे समझने का अवसर मिला। ग्रामीणों ने इस तरह के शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।




