नारायणपुर

जिले में बेसहारा गौवंश की सेवा में जुटा गौ सेवा दल

जिले में बेसहारा गौवंश की सेवा में जुटा गौ सेवा दल…

नारायणपुर। इंसानों की बीमारियों और परेशानियों के लिए अस्पताल और डॉक्टर तो हर जगह मौजूद हैं, लेकिन बेसहारा और घायल मूक पशुओं के बारे में कितने लोग सोचते हैं? इसी सोच को साकार करने का काम जिले की सामाजिक संस्था गौ सेवा दल कर रही है। जैन समाज के “जियो और जीने दो” के संदेश से प्रेरित होकर यह दल नि:स्वार्थ भाव से सेवा कार्य में जुटा है।

गौ सेवा दल के पदाधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल गौ सेवा है, किसी तरह की प्रसिद्धि पाना नहीं। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि अपने गाय-बैल को बेसहारा न छोड़ें, क्योंकि गौ माता का आशीर्वाद परिवार में सुख-समृद्धि लाता है और कई बीमारियों को दूर करने में सहायक होता है। साथ ही लोगों से आग्रह किया गया कि खाने-पीने की वस्तुएं पॉलीथिन में डालकर न फेंकें, क्योंकि अनजाने में यह गौहत्या का कारण बनता है।

दल के युवा साथी घुमंतू या बीमार गौवंश की पहचान कर पशु चिकित्सकों की मदद से उपचार कराते हैं। बरसात या मौसम की मार से बीमार, घायल अथवा मृत गौवंश की देखरेख से लेकर अंतिम संस्कार तक की जिम्मेदारी दल निभा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए रात में घूमने वाले गौवंश को रेडियम बेल्ट पहनाए जा रहे हैं, ताकि वे अंधेरे में वाहन दुर्घटना का शिकार न हों।

नगर पार्षद प्रवीण जैन ने बताया कि आज लोग जैसे बीमार व्यक्ति के लिए एंबुलेंस बुलाते हैं, वैसे ही गौ सेवा दल को बुलाते हैं। हाल ही की एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि देर रात करीब साढ़े दस बजे उनके वार्ड में एक गाय गंभीर अवस्था में पड़ी थी। सूचना मिलते ही महज 10 मिनट में दल के सदस्य मौके पर पहुंचे और तत्काल उपचार कर उसकी जान बचाई।

गौ सेवा दल की यह तत्परता और सेवा-भावना पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।

अबूझमाड़ लाइव न्यूज़

अबूझमाड़ लाइव न्यूज़ पक्ष पर विपक्ष पर हर एक पक्ष पर निष्पक्ष बेबाक एवं धारदार पत्रकारिता के लिए संकल्पित है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page