एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल 22वें दिन भी जारी सम्मान, न्याय और गारंटी की मांग को लेकर निकाली विशाल रैली

सम्मान, न्याय और गारंटी की मांग को लेकर निकाली विशाल रैली
नारायणपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) अंतर्गत कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को 22वें दिन भी जारी रही। लंबे समय से लंबित नियमितिकरण की मांग को लेकर जिलेभर से पहुंचे कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय नारायणपुर के बखरुपारा तिराहे पर विशाल “सम्मान, न्याय और गारंटी” रैली निकाली।

बड़ी संख्या में कर्मचारी और सामाजिक संगठन जुड़े
रैली में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी, महिला कार्यकर्ता और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। रैली के दौरान कर्मचारियों ने नारे लगाकर शासन–प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया। पूरे मार्ग पर “नियमितिकरण करो – वादा निभाओ” जैसे नारे गूंजते रहे।

“सेवा की, अब सम्मान भी मिले”
कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से ग्रामीण अंचलों में सीमित संसाधनों के बावजूद दिन-रात सेवा कर रहे हैं। कोविड-19 जैसी महामारी के कठिन दौर में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से कभी पीछे कदम नहीं खींचे। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाए रखने में उनका बड़ा योगदान है।
कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने उनकी नियमितिकरण और सेवा शर्तों में सुधार जैसी बुनियादी मांगों की लगातार अनदेखी की है।

“यह लड़ाई रोटी और सम्मान की है”
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष संगीता बम्हनोटिया ने कहा —
“अब यह आंदोलन सिर्फ नौकरी का नहीं, बल्कि रोटी और सम्मान का संघर्ष बन चुका है। अगर शासन ने जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा।”
उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय से धैर्य रख रहे कर्मचारी अब आरपार की लड़ाई के मूड में हैं।
आंदोलन जारी रखने का एलान
रैली के अंत में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही शासन से शीघ्र वार्ता कर सकारात्मक समाधान निकालने की अपील भी की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
कर्मचारियों की लगातार जारी हड़ताल से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर असर दिखना शुरू हो गया है। आमजन को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों और उनके परिजनों ने भी शासन से इस मुद्दे पर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।




