एनएचएम कर्मचारियों की बर्खास्तगी के विरोध में रैली

संविदा कर्मचारी महासंघ ने कलेक्टर को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन
नारायणपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों की बर्खास्तगी और लंबित मांगों को लेकर नाराज़गी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल के 26वें दिन सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ ने जिला मुख्यालय में जोरदार विरोध रैली निकाली और कलेक्टर को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों एनएचएम कर्मियों और विभिन्न संविदा संगठनों के प्रतिनिधियों ने रैली में शामिल होकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार 26 दिन से हड़ताल पर रहने के बावजूद सरकार उनकी आवाज़ नहीं सुन रही।

1 किलो बादाम से जताया प्रतीकात्मक विरोध
इस प्रदर्शन का सबसे अनोखा दृश्य रहा कर्मचारियों द्वारा 1 किलो बादाम सौंपना। महासंघ के नेताओं ने कहा कि “शायद सरकार अब बादाम खाकर होश में आए और कर्मचारियों की जमीनी परेशानियों को समझे।” इस प्रतीकात्मक विरोध ने लोगों का ध्यान खींचा।
आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी
महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही एनएचएम कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो यह लड़ाई और तेज एवं उग्र होगी। उन्होंने साफ कहा कि यह संघर्ष केवल एनएचएम कर्मचारियों का नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी संविदा कर्मचारियों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है।
सरकार से की अपील
महासंघ ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि “टीबी मुक्त भारत” और अन्य महत्वाकांक्षी अभियान तभी सफल होंगे, जब उन कर्मचारियों की सुनवाई होगी, जो कठिन परिस्थितियों में भी जनता की सेवा कर रहे हैं।
कर्मचारियों ने राज्य सरकार से ठोस निर्णय लेकर सकारात्मक पहल करने की मांग की है।
कर्मचारियों का कहना है कि अब तक सिर्फ आश्वासन मिले हैं, लेकिन समाधान नहीं। जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं और अगर सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन और बड़ा रूप लेगा।




