स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की कगार पर

प्रदेशभर के 16 हजार से ज्यादा एनएचएम कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
नारायणपुर जिले के 245 स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल, आपातकालीन सेवाएं रहेंगी पूरी तरह बंद
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ ने रविवार को नारायणपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 18 अगस्त से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की। संघ ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से सेवा दे रहे एनएचएम कर्मियों को अब तक न तो नियमित किया गया है और न ही उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस पहल हुई है।

जिला संरक्षक राजीव कुमार बघेल ने कहा कि प्रदेश स्तर पर अब तक 150 से अधिक बार शासन को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन 15 अगस्त तक भी सरकार ने कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया। इसी कारण मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण/स्थायीकरण, ग्रेड पे निर्धारण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, मेडिकल अवकाश, अनुकम्पा नियुक्ति और 27% लंबित वेतनवृद्धि सहित अन्य बिंदु शामिल हैं।
आंदोलन के दौरान आपातकालीन सेवाएं, एसएनसीयू (विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई), शिशु वार्ड और स्कूल-आंगनबाड़ी में होने वाले स्वास्थ्य परीक्षण पूरी तरह बंद रहेंगे। संघ ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि “दो दशकों से शोषित कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों की पूर्ति हेतु यह कदम उठाना आवश्यक है।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कार्यकारिणी से संगीता बम्हनोतिया, महेश्वरी साहू, टिल्लू सिंह, सतीश उसेंडी, प्रशांत ठाकुर और द्वारिका प्रसाद साहू सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
एनएचएम कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगें
- सेवाओं का नियमितीकरण/स्थायीकरण
- ग्रेड पे निर्धारण
- पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना
- मेडिकल अवकाश की सुविधा
- अनुकम्पा नियुक्ति का प्रावधान
- लंबित 27% वेतनवृद्धि
- समयमान वेतनमान
- मातृत्व व पितृत्व अवकाश
- सेवानिवृत्ति लाभ
- कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था
आंदोलन से होगा असर
- आपातकालीन सेवाएं बंद
- एसएनसीयू (विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई) व शिशु वार्ड बंद
- स्कूल व आंगनबाड़ी में स्वास्थ्य परीक्षण प्रभावित
- ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं ठप




