अबुझमाड़ की बेटियों ने रचा इतिहास

छत्तीसगढ़ अंडर-15 स्टेट कैम्प के लिए मोनिका और गीतिका का चयन, नारायणपुर में खुशी की लहर
नारायणपुर, 1 अगस्त।
सुदूर अबुझमाड़ की धरती से एक बार फिर उम्मीदों की नई किरण फूटी है। नारायणपुर जिले की दो आदिवासी बेटियों – मोनिका कुमेटी और गीतिका उसेंडी ने प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए छत्तीसगढ़ अंडर-15 महिला राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर में स्थान बनाया है। रायपुर में चल रहे इस विशेष ट्रेनिंग कैम्प में इन बेटियों का चयन होना न केवल जिले बल्कि पूरे बस्तर अंचल के लिए गर्व का विषय बन गया है।
राज्य टीम में चयन की ओर एक और कदम
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित इस स्किल एवं ट्रेनिंग कैम्प के बाद राज्य स्तरीय चैलेंजर ट्रॉफी का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के जरिए छत्तीसगढ़ अंडर-15 महिला टीम के अंतिम चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस लिहाज से यह कैम्प खिलाड़ी के कौशल, फिटनेस और सामूहिक प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की राह बनती है।
मोनिका का लगातार दूसरा चयन, साबित कर रही हैं अपनी निरंतरता
खास बात यह है कि मोनिका कुमेटी का यह लगातार दूसरा चयन है। वर्ष 2024 में भी उन्होंने राज्य टीम में प्रतिनिधित्व किया था और अब 2025 में फिर से अपनी जगह बना ली है। यह उनकी मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने वाली मोनिका ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने खेल में जिस प्रकार निखार लाया है, वह अनुकरणीय है।
गीतिका की नई उड़ान, दिखाया दम
गीतिका उसेंडी का यह पहला राज्य स्तरीय चयन है, लेकिन उनका खेल प्रदर्शन शुरुआती दौर से ही प्रभावशाली रहा है। जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से उन्होंने कोचों और चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। अब रायपुर में प्रशिक्षण लेते हुए वे राज्य टीम में स्थान बनाने की पूरी कोशिश कर रही हैं।
खेल विभाग और जिला क्रिकेट संघ ने दी शुभकामनाएं
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर नारायणपुर जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, तथा जिला क्रिकेट संघ ने दोनों खिलाड़ियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। जिला खेल अधिकारी ने कहा, “मोनिका और गीतिका की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि नारायणपुर की बेटियाँ अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। खेलों के माध्यम से वे न केवल अपना भविष्य गढ़ रही हैं, बल्कि समाज में प्रेरणा का स्रोत भी बन रही हैं।”
जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में जिले के अन्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दिलाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए कोचिंग, उपकरण और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।
सामाजिक बदलाव की मिसाल बनीं बेटियाँ
अबुझमाड़ जैसे अतिदुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्र से निकलकर राज्य स्तर तक का सफर तय करना सामान्य बात नहीं है। यह बदलाव एक बड़े सामाजिक परिवर्तन का संकेत है। मोनिका और गीतिका की यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि अगर अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो आदिवासी अंचलों की बेटियाँ भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छा सकती हैं।
यह सफलता उन सैकड़ों लड़कियों के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो अब तक संसाधनों की कमी या सामाजिक दबाव के चलते अपने सपनों को दबा देती थीं। अब मोनिका और गीतिका ने यह संदेश दिया है कि “अगर हौसला है, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं।”
नारायणपुर के खेल परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव
नारायणपुर जैसे जिले में खेलों के प्रति बढ़ती जागरूकता और सक्रियता एक सुखद संकेत है। जिला प्रशासन और खेल विभाग की पहल से हाल के वर्षों में ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई खेल प्रतिभाएँ सामने आई हैं। क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स जैसे क्षेत्रों में अब बेटियाँ भी खुलकर आगे आ रही हैं।
जिला स्तर पर चल रहे प्रशिक्षण केंद्रों, विद्यालयों में खेल शिक्षा और क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं ने इन प्रतिभाओं को मंच देने का काम किया है। मोनिका और गीतिका का चयन इन प्रयासों की सफलता की पुष्टि करता है।
नारी सशक्तिकरण की ओर एक सार्थक कदम
यह उपलब्धि केवल खेल तक सीमित नहीं है, यह नारी सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह बताता है कि जब बेटियों को अवसर दिए जाते हैं, तो वे हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ सकती हैं – चाहे वह शिक्षा हो, प्रशासन, विज्ञान या फिर खेल।
मोनिका और गीतिका ने आदिवासी समाज की रूढ़ियों को तोड़ते हुए, खेल की दुनिया में जो पहचान बनाई है, वह सामाजिक बदलाव के साथ-साथ एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की भी प्रतीक है।
एक नजर में:
- मोनिका और गीतिका – नारायणपुर की दो आदिवासी बालिकाएँ
- छत्तीसगढ़ अंडर-15 राज्य स्तरीय स्किल कैम्प के लिए चयन
- मोनिका का लगातार दूसरा चयन – अनुभव और परिश्रम का मिला इनाम
- प्रशिक्षण कैम्प के बाद खेली जाएगी चैलेंजर ट्रॉफी – तय होगी राज्य टीम
- जिले में खुशी का माहौल, खेल विभाग और प्रशासन ने दी शुभकामनाएं
- अबुझमाड़ की बेटियों ने साबित किया – प्रतिभा को अवसर मिलते ही वह चमक उठती है।




