मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उपजेल नारायणपुर का किया निरीक्षण

नारायणपुर। विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री प्रतिभा मरकाम ने मंगलवार को उपजेल नारायणपुर का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोंडागांव श्रीमती किरण चतुर्वेदी, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव के आदेशानुसार संपन्न हुआ।

निरीक्षण के दौरान बंदियों से उनके प्रकरणों की स्थिति, जमानत आवेदन की प्रक्रिया एवं स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं पर चर्चा की गई। जिन बंदियों का जमानत आदेश न्यायालय द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है लेकिन जमानत प्रस्तुत नहीं की गई है, उन्हें शीघ्र जमानत प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य व खानपान पर फोकस
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बंदियों से स्वास्थ्य, खानपान एवं दैनिक जीवन की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तत्काल जेल अधीक्षक को सूचित करने की सलाह दी गई। इस दौरान जेल के प्रत्येक बैरक का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का मूल्यांकन भी किया गया।
विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
निरीक्षण के दौरान विधिक साक्षरता शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें रिटेनर अधिवक्ता चंद्र प्रकाश कश्यप द्वारा बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, न्यायालय में प्रकरण की पैरवी हेतु अधिवक्ता नियुक्ति प्रक्रिया, और विधिक अधिकारों की जानकारी प्रदान की गई। बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं विधिक प्रक्रिया की समझ विकसित करने हेतु प्रेरित किया गया।
अधिकार मित्रों की रही सहभागिता
निरीक्षण कार्यक्रम में जेल अधीक्षक श्री संजय नायक, अधिकार मित्र घासीराम नेताम, तथा अन्य जेलकर्मी उपस्थित रहे। सभी ने निरीक्षण कार्य में सहयोग प्रदान किया।
जेल प्रशासन को निर्देश
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जेल प्रशासन को साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और विधिक सहायता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। बंदियों के कल्याण एवं उनके अधिकारों की सुरक्षा हेतु हर संभव प्रयास करने की बात कही गई।




