बस्तर की टीम ने रचा इतिहास – इंटरनेशनल सुब्रतो कप में पहुंची रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विद्यापीठ, नारायणपुर

अंडर-15 और अंडर-17 दोनों वर्गों में बस्तर की अपराजेय जीत, राज्य चैंपियन बनने का गौरव
नारायणपुर , 24 जुलाई।
इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम, जगदलपुर में 21 से 24 जुलाई तक आयोजित सुब्रतो मुखर्जी कप (सुब्रतो कप) फुटबॉल प्रतियोगिता 2025-26 में बस्तर की ओर से खेल रही रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विद्यापीठ, नारायणपुर की टीम ने इतिहास रच दिया है। टीम ने अंडर-15 और अंडर-17 दोनों वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य चैंपियनशिप का खिताब जीता और अब अंतरराष्ट्रीय सुब्रतो कप प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेगी।

अंडर-15 : बस्तर की युवा टीम का अपराजेय प्रदर्शन
बस्तर की अंडर-15 टीम ने हर मैच में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया।
- पहला मैच : बस्तर 5-0 सरगुजा
गोलदाता : राजू (2), मधु (1), जयवर्धन (1), दीपेश (1) - दूसरा मैच : बस्तर 11-0 दुर्ग
गोलदाता : दीपेश (4), मधु (3), राजू (2), जयवर्धन (1), सुखराम (1) - तीसरा मैच : बस्तर 3-0 बिलासपुर
गोलदाता : जयवर्धन (3) - चौथा मैच : बस्तर 1-0 रायपुर
गोलदाता : जयवर्धन (1)
मुख्य खिलाड़ी
जयवर्धन ने कुल 5 गोल करते हुए टीम की फॉरवर्ड लाइन को मजबूती दी। दीपेश, मधु और राजू ने भी निर्णायक योगदान देकर टीम को चैंपियन बनाया।
अंडर-17 : सतीश वड्डे की कप्तानी में जीत की हैट्रिक
अंडर-17 वर्ग में कप्तान सतीश वड्डे की अगुवाई में बस्तर टीम ने लगातार जीत दर्ज की।
- पहला मैच : बस्तर 2-1 सरगुजा
गोलदाता : सतीश वड्डे (2) - दूसरा मैच : बस्तर 1-0 रायपुर
गोलदाता : मनोज नेताम (1) - तीसरा मैच : बस्तर 7-0 बिलासपुर
गोलदाता : सतीश वड्डे (3), मानु पोटाई (2), बिजेश मंडावी (1), जयदेव सलाम (1) - चौथा मैच : बस्तर 4-0 दुर्ग
गोलदाता : सतीश (1), सुखदेव (1), रघुवीर (1), मानु (1)
मुख्य खिलाड़ी
कप्तान सतीश वड्डे ने अपने अनुभव और खेल कौशल से टीम को मजबूती दी और कुल 6 गोल कर ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ की दौड़ में शामिल हो गए। मानु पोटाई, मनोज नेताम और अन्य खिलाड़ियों का योगदान भी सराहनीय रहा।
बस्तर के लिए गौरव का क्षण
रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विद्यापीठ, नारायणपुर की टीम ने राज्य स्तर पर अपराजेय रहते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। अब ये टीमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुब्रतो कप में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह उपलब्धि बस्तर संभाग और विद्यालय दोनों के लिए गर्व का क्षण है।




