प्राकृतिक जलप्रपात को मिलेगा नया रूप, कच्चापाल में पर्यटन विकास की पहल

नारायणपुर। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत कच्चापाल में स्थित सुरम्य जलप्रपात को अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि ग्राम सभा के माध्यम से व्यापक चर्चा कर विकास कार्य योजना तैयार की जाए ताकि न केवल इस स्थान को पहचान मिले, बल्कि ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हों।

प्राकृतिक सौंदर्य को मिलेगा नया आयाम
वनों से घिरे इस जलप्रपात का सौंदर्य हर आने वाले को आकर्षित करता है। प्रशासन की मंशा है कि इस क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधाओं के लिए सड़क, पेयजल, स्वच्छता, विश्राम स्थल, जानकारी केंद्र, जैसे मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाए ताकि आने वाले वर्षों में यह स्थल एक चर्चित पर्यटन गंतव्य बन सके।
स्व-सहायता समूहों को मिलेगा रोज़गार का अवसर
प्रशासन द्वारा प्रस्तावित योजना में स्थानीय स्व-सहायता समूहों (SHGs) को भी जोड़ा गया है। जलप्रपात क्षेत्र में स्थानीय उत्पादों की बिक्री, पारंपरिक हस्तशिल्प, खाद्य पदार्थों के स्टॉल, जैसी गतिविधियों के माध्यम से महिला समूहों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त होगी।
ग्रामसभा के माध्यम से तय होगी दिशा
छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा-6 के अंतर्गत ग्राम पंचायत कच्चापाल में ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों, पंचायत पदाधिकारियों और संबंधित विभागों की उपस्थिति में पर्यटन विकास से जुड़ी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा होगी और सामूहिक रूप से एक ठोस कार्य योजना तैयार की जाएगी।
समन्वित विकास पर जोर
प्रशासन का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि इसे स्थानीय विकास और रोजगार सृजन से जोड़ते हुए एक स्थायी मॉडल तैयार करना है। यदि योजना के अनुरूप काम हुआ तो कच्चापाल आने वाले समय में नारायणपुर जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।




