अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग के लिए एसपी ने ली क्राइम मीटिंग

लंबित मामलों की समयबद्ध जांच के निर्देश, न्याय केंद्रित पुलिसिंग पर दिया जोर
नारायणपुर। जिले में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था की सुदृढ़ता और प्रशासनिक कसावट को लेकर बुधवार को पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) ने पुलिस अधीक्षक सभागृह में एक क्राइम मीटिंग आयोजित की। इस बैठक में समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना व कैम्प प्रभारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान एसपी गुड़िया ने वर्ष 2024 एवं इससे पूर्व के लंबित अपराध, मर्ग और गुम इंसान की विवेचना शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी क्राइम मीटिंग में सभी मामलों की वन-टू-वन समीक्षा की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचना में देरी या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपराधियों के मन में कानून का भय जरूरी
एसपी ने कहा कि पुलिसिंग का उद्देश्य केवल कानून का पालन नहीं बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाना भी होना चाहिए। आम नागरिकों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि बने इसके लिए प्रत्येक थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में विजिबल पुलिसिंग करें और वर्दी की गरिमा को बनाए रखें। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी व जवान गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ वर्दी में रहें और उच्च स्तरीय विभागीय अनुशासन का पालन करें।
बार्डरलेस पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
पुलिस अधीक्षक ने बार्डरलेस पुलिसिंग की अवधारणा को लागू करने की बात करते हुए कहा कि कोई भी पीड़ित व्यक्ति जिले के किसी भी थाना या कैम्प में जाकर अथवा टेलीफोन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। ऐसे मामलों में उन्हें केवल “संबंधित थाना में जाकर शिकायत करो” कहने की बजाय त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नक्सली सप्लाई चैन पर कसेगा शिकंजा
एसपी गुड़िया ने नक्सलियों के सप्लाई चैन को ध्वस्त करने हेतु जिले के सभी थाना/कैम्प प्रभारियों को मुख्य मार्गों में स्वयं उपस्थित रहकर एमसीपी (मोबाइल चेकिंग पॉइंट) लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एमसीपी चेकिंग में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, स्थानीय लोगों को असुविधा न हो, इसके लिए उचित व्यवस्था की जाए।
युवाओं को जोड़ें पुलिसिंग से, खेल और सांस्कृतिक आयोजनों पर जोर
उन्होंने पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए युवाओं के साथ संवाद, खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन की बात कही। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा किए जा रहे आयोजनों से न केवल विश्वास कायम होगा, बल्कि नक्सलियों के खिलाफ जागरूकता भी फैलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सली अबूझमाड़ क्षेत्र के असली दुश्मन हैं और उन्हें विकास से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय साबद्रा, सुशील कुमार नायक, ऐश्वर्य चंद्रकार, उप पुलिस अधीक्षक परेवज कुरैशी, लौकेश बंसल, अभिषेक केसरी, अविनाश कवंर, कुलदीप बंजारे, अमृता पैकरा समेत जिले के समस्त थाना प्रभारियों एवं अधिकारीगणों की उपस्थिति रही।




