माओवाद और भ्रष्टाचारवाद दोनों का समूल नाश निश्चित है विष्णु के सुशासन में!

नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग में घटिया निर्माण पर कड़ी कार्रवाई, शाम होते ही गठित हुई जांच समिति…

नारायणपुर।
राज्य सरकार माओवाद और भ्रष्टाचार—दोनों के खिलाफ दोहरी लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सख्त सुशासन में विकास कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ता से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

नारायणपुर से सोनपुर होते हुए मरोड़ा तक बन रही सड़क, जो एल.डब्ल्यू.ई. योजना के तहत तैयार हो रही है, उसमें निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
सुबह मिली जानकारी, शाम तक बनी जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुबह ही संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। शाम होते-होते जांच समिति का गठन कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कर दी गई।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “बस्तर के विकास के रोडमैप में कोई भी बाधा आए, उस पर शासकीय बुलडोजर चला दिया जाएगा। विकास कार्यों में कोई लापरवाही नहीं सहन की जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि “देश के यशस्वी गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने बस्तर की खुशहाली, तरक्की और शांति के लिए जो बड़ा लक्ष्य तय किया है, उसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास की अहम भूमिका है। इसे किसी भी हाल में कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा।”
मुख्यमंत्री का संदेश एकदम स्पष्ट है —
“विकास भी होगा सांय-सांय…”
“कार्रवाई भी होगी सांय-सांय…”
बस्तर की धरती पर अब न तो माओवाद चलेगा और न ही भ्रष्टाचारवाद। विष्णुदेव साय सरकार की नीति साफ है — न्याय, विकास और सख्ती।




