नकली कंपनी का जाल बिछाकर 53 लाख की ठगी, दो आरोपी चढ़े नारायणपुर पुलिस के हत्थे

रॉयल पेंटागन ऑक्शन हाउस के नाम पर किया गया छल, पूर्व में दो अन्य की हो चुकी है गिरफ्तारी…
नारायणपुर, 14 मई।
नकली कंपनी ‘‘रॉयल पेंटागन ऑक्शन हाउस’’ के नाम पर डबल रकम दिलाने का झांसा देकर 53 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले दो और आरोपियों को नारायणपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सायबर सेल और थाना नारायणपुर की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता हाथ लगी है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम मनीष तेलम (निवासी बीजापुर) और महेश कोरसा (निवासी बीजापुर) हैं। इनके कब्जे से एक मोबाइल, पांच डेबिट कार्ड, पासपोर्ट व ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
फर्जीवाड़े की शुरुआत जून 2022 में हुई थी, जब पीड़ित भूपेंद्र नेगी (निवासी सिंगोड़ीतरई, नारायणपुर) को आरोपी खुद को बैंगलोर और कोलकाता स्थित कंपनी ‘रॉयल पेंटागन ऑक्शन हाउस’ का अधिकारी बताकर मिला था।
आरोपी किशोर गुहा, मनीष तेलम, अशोक देहारी और महेश कोरसा ने पीड़ित को गोल्ड बॉन्ड और निवेश पर डबल रकम दिलाने का लालच देकर 2022 से फरवरी 2025 के बीच कुल 53,01,499 रुपये की ठगी कर ली थी।
इस मामले में पहले ही दो मुख्य आरोपी — किशोर गुहा और अशोक देहारी — की गिरफ्तारी हो चुकी है। किशोर गुहा के कब्जे से पुलिस ने 2,06,650 रुपये नकद, चार मोबाइल, विदेशी मुद्रा, पासपोर्ट और यूएई वीजा भी बरामद किया था।
कड़ी निगरानी और तकनीकी मदद से आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार (भा.पु.से.) व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार नायक के मार्गदर्शन में, उप पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत देंवागन के पर्यवेक्षण और निरीक्षक सुरेन्द्र चन्द्र यादव (थाना प्रभारी नारायणपुर) के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आरोपियों की लगातार पतासाजी कर चिन्हित ठिकानों पर दबिश दी और मनीष तेलम व महेश कोरसा को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- मनीष तेलम, पिता स्व. मुन्ना तेलम, उम्र 38 वर्ष, निवासी शांतिनगर, बीजापुर
- महेश कोरसा, पिता स्व. सोमलू कोरसा, उम्र 35 वर्ष, निवासी पुराना बस स्टैंड, न्यायालय के सामने, बीजापुर
प्रकरण संख्या:
थाना नारायणपुर, अपराध क्रमांक 25/2025, धारा 318(4), 336(3), 338 बीएनएस एवं 66-डी आईटी एक्ट के तहत दर्ज।
नारायणपुर पुलिस ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि कानून के लंबे हाथ अपराधियों तक जरूर पहुँचते हैं — चाहे वे कितनी भी चतुराई से जाल बिछाएं।




