धुर नक्सल क्षेत्र पदमकोट में साप्ताहिक बाजार की हुई शुरुआत, ग्रामीणों में खुशी की लहर

धुर नक्सल क्षेत्र पदमकोट में साप्ताहिक बाजार की हुई शुरुआत, ग्रामीणों में खुशी की लहर…
नारायणपुर, 10 अप्रैल 2025।
नारायणपुर जिले के माड़ क्षेत्र में स्थित धुर नक्सल प्रभावित ग्राम पदमकोट में अब साप्ताहिक बाजार की शुरुआत हो चुकी है। नारायणपुर पुलिस और प्रशासन के प्रयासों से 9 अप्रैल से हर बुधवार को यह बाजार लगाया जाएगा, जिससे अब स्थानीय ग्रामीणों को दैनिक जरूरत की सामग्री के लिए दूरदराज नहीं जाना पड़ेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

पदमकोट में जनसुविधा एवं सुरक्षा कैम्प की स्थापना के बाद ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर यह बाजार पुनः प्रारंभ किया गया है। वर्षों पहले नक्सलियों की धमकी के चलते यह बाजार बंद हो गया था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।
परंपराओं की वापसी:
इस बाजार की वापसी से आदिवासी परंपराओं – हाट-बाजार, मड़ई-मेला – को फिर से नया जीवन मिला है। अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह और विश्वास का माहौल है।

सुरक्षा और विकास साथ-साथ:
पुलिस और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से न केवल सुरक्षा कैम्प की स्थापना हुई है, बल्कि कुतुल-बेड़माकोटी से पदमकोट-नेलांगूर-कुआकोडी होते हुए महाराष्ट्र तक के राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी पर बंद पड़ी सड़क का भी पुनर्निर्माण किया जा रहा है। जल्द ही इस क्षेत्र के लोग जिला मुख्यालय तक बस सुविधा का लाभ भी उठा सकेंगे।

‘नियद नेल्ला नार’ योजना को मिल रही रफ्तार:
इस पहल के साथ ‘नियद नेल्ला नार’ जैसी योजनाओं का समग्र विस्तार हो रहा है। अब नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की नई बयार बह रही है।
नक्सल प्रभाव में लगातार गिरावट:
विकास और नक्सल विरोधी अभियानों के समन्वय से क्षेत्र में नक्सली प्रभाव कम हो रहा है। ग्रामीणों में अब डर की जगह उम्मीद ने ले ली है। आने वाले समय में कई अन्य दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की योजनाएं तेजी से पहुंचाई जाएंगी।
ग्रामीणों की जुबानी:
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि “पहले हमे बाजार के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, अब यह सुविधा गांव में ही मिल रही है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है।”




