छत्तीसगढ़

एक पैर से कांवड़ उठाकर लाते थे पानी, अब नल की धार में बह रहा है सुकून

गांव कदेर के हर घर में पहुंचा नल से शुद्ध जल

नारायणपुर (छत्तीसगढ़)। जिले से 40 किमी दूर बसे छोटे से गांव कदेर में कभी एक बाल्टी पानी लाना भी संघर्ष था। खासकर कोसी बाई और उनके पति मुरा राम नुरूटी के लिए, जिनकी जिंदगी चुनौतियों से भरी रही है—कोसी बाई नेत्रहीन हैं और मुरा राम एक पैर से विकलांग। बावजूद इसके दोनों ने कभी हार नहीं मानी और दो बच्चों का पालन-पोषण मेहनत से करते रहे।

 

पानी की सबसे बड़ी मार मुरा राम पर थी, जो झरिया से कांवड़ में पानी भरकर लाते थे। उबड़-खाबड़ रास्तों और एक पैर के सहारे ये सफर आसान नहीं था। कोसी बाई घर संभालती थीं और पानी के लिए पति के लौटने का इंतज़ार करती थीं।

लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। जल जीवन मिशन के तहत ग्राम कदेर में 4,700 मीटर लंबी पाइपलाइन और 3 सोलर टंकियों का निर्माण हुआ है। अब गांव के हर घर में नल से शुद्ध पानी आ रहा है।

कोसी बाई कहती हैं, “मैं देख नहीं सकती, पर जब नल से पानी गिरने की आवाज सुनती हूं तो लगता है जैसे कोई सपना सच हो गया।” मुरा राम कहते हैं, “अब न झरिया जाना पड़ता है, न तकलीफ सहनी पड़ती है। यही असली विकास है।”

जल जीवन मिशन ने न सिर्फ पानी दिया, बल्कि ऐसे सैकड़ों परिवारों को आत्मनिर्भरता, सम्मान और सुकून की ज़िंदगी भी दी। आज कदेर सिर्फ जलसंपन्न नहीं, बल्कि उम्मीदों से भी भर गया है।

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