नारायणपुर: अबूझमाड़ के गढ़ कोडलियार में नवीन सुरक्षा और जन सुविधा कैम्प की स्थापना

नारायणपुर: अबूझमाड़ के गढ़ कोडलियार में नवीन सुरक्षा और जन सुविधा कैम्प की स्थापना…


नारायणपुर, 21 जनवरी 2025: अबूझमाड़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोडलियार में नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी की 41वीं वाहिनी ने एक नया सुरक्षा और जन सुविधा कैम्प स्थापित किया है। इस कदम से क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर काबू पाने, स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा का माहौल बनाने और विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।

कैम्प की ओपनिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक नारायणपुर ने अन्य अधिकारियों के साथ कुतुल गांव का दौरा किया और ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान ग्रामीणों को नक्सलियों से जल्द छुटकारा दिलाने का आश्वासन भी दिया। इस नई पहल से अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों को बल मिलेगा और यहां के लोगों को सुरक्षित माहौल मिलेगा।
गौरतलब है कि पिछले एक साल में अबूझमाड़ में यह आठवां कैम्प स्थापित किया गया है, जो महाराष्ट्र बॉर्डर से महज 20 किलोमीटर दूर कोडलियार क्षेत्र में खुला है। इस कैम्प की स्थापना से राष्ट्रीय राजमार्ग 130 डी के निर्माण में सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिलेगी। यह राजमार्ग कोण्डागांव, नारायणपुर, कुतुल और महाराष्ट्र को जोड़ता है, जिससे क्षेत्र में आवागमन में सुधार होगा।
नवीन कैम्प की स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्य नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना और स्थानीय विकास कार्यों को प्रोत्साहित करना है। सुरक्षा बलों के बढ़े हुए कैंपों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। इसके अलावा, क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, चिकित्सा, शिक्षा, मोबाईल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी द्वारा किए गए इस प्रयास से अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सलियों के गढ़ में पुलिस की पहुंच बनी है, जिससे नक्सल हिंसा को कम करने में मदद मिलेगी। इस कैम्प के साथ ही क्षेत्र में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत सभी सरकारी योजनाओं को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा और ग्रामीणों के समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी की टीम इस प्रयास में प्रमुख भूमिका निभा रही है, जिसमें पुलिस उपमहानिरीक्षक कांकेर रेंज अमित तुकाराम काम्बले, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर प्रभात कुमार, आईटीबीपी की 41वीं वाहिनी के सेनानी नरेंद्र सिंह और अन्य अधिकारियों ने सक्रिय रूप से सहयोग दिया है।
इस कैम्प के स्थापित होने से स्थानीय लोग अब नक्सल भय से मुक्त होकर खुलेआम अपनी मांगें प्रशासन से रख सकेंगे और क्षेत्र में विकास के नए अवसर खुलेंगे।




