45वीं वाहिनी ITBP की अगुवाई में आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत दल की बैंगलोर (कर्नाटक) को रवानगी

नारायणपुर, 27 नवंबर 2024: 45वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की अगुवाई में, नारायणपुर जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र से 30 आदिवासी युवाओं का दल आज (27 नवंबर 2024) बैंगलोर (कर्नाटक) के लिए रवाना हुआ। यह दल 15 युवतियों और 15 युवकों से मिलकर बना है। इस दल का भ्रमण युवा कल्याण एवं खेल मंत्रालय के तहत, नेहरू युवा केन्द्र द्वारा आयोजित 16वें आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का हिस्सा है।

यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य आदिवासी युवाओं को भारत की भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधताओं से परिचित कराना है। दल के सदस्य, बैंगलोर में 1 से 7 दिसंबर 2024 तक विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थाओं और पर्यटक स्थलों का भ्रमण करेंगे और वहां के कौशल विकास, तकनीकी परिवर्तन और विकासशील परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।
45वीं वाहिनी के कंमाण्डेट शैलेश कुमार जोशी के नेतृत्व में, इस दल के लिए तैयारियां पूरी की गई हैं। रवाना करने से पूर्व, द्वितीय कमांड रोशन सिंह असवाल ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक धरोहर, तकनीकी विकास, रोजगार अवसरों और कौशल विकास की जानकारी इकट्ठा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से यह भी कहा कि वे विभिन्न राज्यां में हो रहे समसामयिक परिवर्तनों को समझने और सांस्कृतिक विविधताओं को जानने का प्रयास करें।
इसके अतिरिक्त, 45वीं वाहिनी द्वारा आगामी तीन चरणों में और 90 युवाओं को सूरत (गुजरात), हैदराबाद (तेलंगाना) और चेन्नई (तमिलनाडु) भेजने का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम इन युवाओं को अन्य राज्यों की विकास गतिविधियों, सांस्कृतिक विरासत और वेशभूषा के बारे में जानकारी प्रदान करेगा, जिससे उनका सामाजिक और शैक्षिक विकास होगा।
इस कार्यक्रम के माध्यम से, आदिवासी युवाओं को न केवल भारत की विविधता से परिचित होने का अवसर मिलेगा, बल्कि उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे तकनीकी विकास और कौशल वृद्धि के बारे में भी गहरी जानकारी प्राप्त होगी।




